▶️ “ऑपरेशन रिंगटोन” के अंतर्गत 81 गुम हुए मोबाइल लौटाकर पुलिस ने नागरिकों के चेहरों पर लौटाई मुस्कान

▶️ ₹ 15 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को किए गए सुपुर्द

▶️ पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट एवं यातायात सुरक्षा को लेकर दिया गया व्यापक जागरूकता संदेश

पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में जिले में संचालित “ऑपरेशन रिंगटोन” अभियान के अंतर्गत आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, आगर मालवा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 81 गुम हुए मोबाइल फोन, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹15,11,500/-( 15 लाख 11 हजार 5 सौ रुपये) है, उनके वास्तविक मालिकों को विधिवत सुपुर्द किए गए। मोबाइल प्राप्त कर नागरिकों के चेहरों पर प्रसन्नता दिखाई दी तथा उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी द्वारा उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि आमजन की सुविधा और विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुम हुए मोबाइलों की रिकवरी के लिए जिला साइबर सेल द्वारा तकनीकी दक्षता के साथ निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को राहत प्रदान की जा सके।

पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर अपराधों से बचाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को सजग एवं सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से उन्होंने “डिजिटल अरेस्ट” जैसी नई साइबर ठगी की प्रवृत्ति के बारे में बताया, जिसमें अपराधी स्वयं को किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस या सरकारी एजेंसी इस प्रकार ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती, अतः ऐसे कॉल से भयभीत न हों और तत्काल इसकी सूचना पुलिस या हेल्पलाइन 1930 पर दें।

पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने डिजिटल खातों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर भी नागरिकों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं, जिससे दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा गुम हुए मोबाइलों की खोज में उल्लेखनीय कार्य करने पर जिला साइबर सेल टीम की सराहना की गई और उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा व्यक्त की गई।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट, सूबेदार जगदीश यादव, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक सुब्रतो शर्मा, प्रधान आरक्षक प्रकाश मालवीय, आरक्षक रवि दोहरे सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी द्वारा जिले के सभी सम्माननीय पत्रकार बंधुओं के साथ विभिन्न जनहित एवं कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान पत्रकारगणों द्वारा सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।

चर्चा के दौरान दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग, शहर के भीतर से गुजरने वाले हाईवे पर बस एवं भारी वाहनों द्वारा प्रेशर हॉर्न के संयमित उपयोग, ब्लैक स्पॉट एवं शार्प टर्न वाले क्षेत्रों में सांकेतिक चिन्ह लगाए जाने तथा यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाए जाने जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

इसके अतिरिक्त आगर मालवा जिले की राजस्थान सीमा से लगी भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब परिवहन एवं गौवंश तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु भी पत्रकारगणों द्वारा अपने सुझाव एवं विचार साझा किए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए जनसहयोग एवं मीडिया के सकारात्मक सहयोग को पुलिस व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

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