▶️ “ऑपरेशन डिजिटल रक्षा” के अंतर्गत 50 गुम हुए मोबाइल लौटाकर पुलिस ने नागरिकों के चेहरों पर लौटाई मुस्कान
▶️ ₹ 10लाख रुपये मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को किए गए सुपुर्द
▶️ पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट एवं यातायात सुरक्षा को लेकर दिया गया व्यापक जागरूकता संदेश
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह के निर्देशन में जिले में संचालित “ऑपरेशन डिजिटल रक्षा” अभियान के अंतर्गत आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, आगर मालवा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 50 गुम हुए मोबाइल फोन, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹10,00,000/-( दस लाख रुपये) है, उनके वास्तविक मालिकों को विधिवत सुपुर्द किए गए। मोबाइल प्राप्त कर नागरिकों के चेहरों पर प्रसन्नता दिखाई दी तथा उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह द्वारा उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि आमजन की सुविधा और विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुम हुए मोबाइलों की रिकवरी के लिए जिला साइबर सेल द्वारा तकनीकी दक्षता के साथ निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को राहत प्रदान की जा सके।
पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर अपराधों से बचाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को सजग एवं सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से उन्होंने “डिजिटल अरेस्ट” जैसी नई साइबर ठगी की प्रवृत्ति के बारे में बताया, जिसमें अपराधी स्वयं को किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस या सरकारी एजेंसी इस प्रकार ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती, अतः ऐसे कॉल से भयभीत न हों और तत्काल इसकी सूचना पुलिस या हेल्पलाइन 1930 पर दें।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने डिजिटल खातों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर भी नागरिकों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं, जिससे दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा गुम हुए मोबाइलों की खोज में उल्लेखनीय कार्य करने पर जिला साइबर सेल टीम की सराहना की गई और उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा व्यक्त की गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट, थाना प्रभारी कोतवाली शशि उपाध्याय, सूबेदार जगदीश यादव, सूबेदार जितेंद्र शुक्ला, सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राखी गुर्जर, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक सुब्रतो शर्मा, आरक्षक शैलेंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





