सड़क सुरक्षा हेतु आगर पुलिस का व्यापक अभियान

बाईक रेली एवं जागरुकता रथ को एसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

बाइक रैली, जागरूकता रथ और योजनाओं की जानकारी के साथ समग्र यातायात जागरूकता प्रयास

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 26 नवम्बर 2025 से 10 दिसम्बर 2025 तक विशेष यातायात प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिला आगर मालवा में यातायात जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसे पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली में 50 बाइक पर 100 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पूर्ण हेलमेट पहनकर शामिल हुए। रैली एसपी कार्यालय से प्रारंभ होकर बडौद चौराहा, छावनी, झंडा चौक, रातडिया तालाब, गोपाल मंदिर, सरकारवाड़ा, बड़ौद दरवाजा, पुराना अस्पताल चौराहा, नगरपालिका होते हुए पुनः एसपी कार्यालय में संपन्न हुई। रैली के साथ एक यातायात जागरूकता रथ भी शामिल किया गया, जिसमें LED स्क्रीन स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से हेलमेट न पहनने, सीटबेल्ट न लगाने एवं तेज गति से वाहन चलाने के दुष्परिणामों से संबंधित वीडियो लगातार प्रसारित किए जा रहे हैं। यह रथ आगामी दिनों में भी जिलेभर में भ्रमण करते हुए जनसाधारण को जागरूक करेगा। बाईक रेली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आगर रविन्द्र कुमार बोयट, थाना प्रभारी निरीक्षक शशि उपाध्याय, निरीक्षक अनिल मालवीय, निरीक्षक अक्षय बेस, महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सुनीता परिहार, सुबेदार जगदीश यादव एवं थाना कोतवाली आगर, पुलिस लाईन, यातायात थाना और महिला थाना के अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।

अपने उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाएँ जिले के लिए अत्यंत गंभीर चुनौती बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक जहां हत्या की 06 घटनाएँ दर्ज हुई हैं, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में 240 प्रकरणों में 115 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और लगभग 308 लोग घायल हुए है, जो दर्शाता है कि यातायात नियमों का उल्लंघन कितना घातक हो सकता है। उन्होंने दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण “गोल्डन आवर” पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि हादसे के बाद प्रारंभिक 60 मिनट के भीतर घायल को उचित उपचार मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इस दृष्टि से पुलिस, एम्बुलेंस, स्वास्थ्य विभाग एवं आम नागरिकों की त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

एसपी सिंह ने बताया कि यह अभियान केवल प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है। अभियान के तहत आमजन को समझाइश दी जा रही है कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन न चलाएँ, बिना सीट बेल्ट चार पहिया वाहन न चलाएँ, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें, ओवरस्पीडिंग से बचें और सभी यातायात नियमों का पालन करें ताकि स्वयं तथा अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अभियान के दौरान नागरिकों को नकदी रहित उपचार योजना (Cashless Treatment of Road Accident Victims Scheme, 2025) की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निकटतम नामित अस्पताल में बिना किसी शुल्क के तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जिसका पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है। अभियान में शामिल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना की सूचना मिलने पर ई-डीएआर पोर्टल पर पीड़ित की आईडी बनाकर उसे टीएमएस से जोड़ा जाए, जिससे घायल को गोल्डन आवर के भीतर समय पर आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।

इसी प्रकार नागरिकों को राह-वीर योजना (पूर्व की Good Samaritan Scheme) के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुँचाता है, तो उसे ₹25,000 नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। साथ ही दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कानूनी पूछताछ या प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ता। यह योजना नागरिकों को दुर्घटना की स्थिति में आगे आकर जीवन बचाने के लिए प्रेरित करती है।

अभियान के दौरान जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में भी सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे है और भविष्य में भी किए जाएंगे, ताकि युवा वर्ग में यातायात नियमों के महत्व को प्रभावी ढंग से स्थापित किया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि युवाओं में यातायात अनुशासन विकसित करना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान अब तक जिले में व्यापक कार्यवाही की गई है। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 256 चालान, बिना फिटनेस वाहन चलाने पर 11 चालान, तेज गति से वाहन चलाने पर 22 चालान तथा बिना HSRP के वाहन चलाने पर 215 चालान बनाए गए हैं, जिनमें कुल ₹2,41,000/- समन शुल्क वसूला गया है। इसके अतिरिक्त, दिनांक 01 जनवरी 2025 से 30 नवम्बर 2025 तक जिले से 13 प्रकरण वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन हेतु क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भेजे गए, जिनमें से 06 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।

अंत में पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से आग्रह किया कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएँ और सड़क पर स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि घर पर परिवार आपका इंतज़ार करता है, इसलिए सुरक्षित लौटना आपकी ज़िम्मेदारी भी है और कर्तव्य भी। जिला पुलिस ने नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की है, ताकि एक सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त जिला निर्मित किया जा सके।

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