सड़क सुरक्षा को लेकर आगर पुलिस की अनोखी पहल—वाहन चालकों को एसपी ने बुलाकर दी जागरूकता, गोल्डन आवर एवं राह-वीर योजना पर विस्तृत मार्गदर्शन
“दंड नहीं, जागरूकता पहले”— चालकों को सड़क सुरक्षा की दी जीवन रक्षक सीख
जागरूक नागरिक–सुरक्षित सड़कें
जिले में संचालित यातायात जागरूकता अभियान के तहत आज विभिन्न चेकिंग पाइंट्स पर सीट बेल्ट न लगाने, हेलमेट न पहनने, बिना ऑथेंटिक नंबर प्लेट वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों को रोका गया। तत्पश्चात सभी को यातायात थाना प्रभारी सूबेदार जगदीश यादव द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय लाया गया, जहाँ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने स्वयं सभी चालकों से संवाद कर उन्हें यातायात नियमों के महत्व एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएँ लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। उन्होंने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कानूनी आवश्यकताएँ नहीं, बल्कि जीवन रक्षक उपकरण हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिक्रिया क्षमता को कम करता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने सभी चालकों को यह भी बताया कि सही नंबर प्लेट न होने से दुर्घटना या किसी अपराध की स्थिति में वाहन की पहचान में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है, जो कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती है।
अपने उद्बोधन में एसपी विनोद कुमार सिंह ने गोल्डन आवर के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 60 मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि घायल को इस अवधि में उचित चिकित्सा मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि दुर्घटना देखने पर तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दें तथा घायल को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने में सहयोग करें।
इसी संदर्भ में उन्होंने राह-वीर योजना (Good Samaritan Scheme) की जानकारी भी दी। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुँचाने वाले किसी भी नागरिक को ₹25,000 का पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। साथ ही ऐसे मददगार व्यक्ति को किसी भी कानूनी पूछताछ या कार्रवाई से पूर्ण सुरक्षा प्राप्त होती है एसपी ने नागरिकों से अपील की कि वे दुर्घटना की स्थिति में आगे आने में हिचकिचाएँ नहीं, बल्कि साहस दिखाएँ क्योंकि एक छोटी-सी पहल किसी की जिंदगी बचा सकती है
महत्वपूर्ण रूप से आज की इस कार्रवाई में किसी भी चालक पर चालान नहीं बनाए गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आज का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि नागरिकों को समझाइश देना और उनमें सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उपस्थित सभी चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के सही उपयोग, गति सीमा का पालन, मोबाइल उपयोग से बचने, तथा वाहन पर वैध नंबर प्लेट रखने के लिए प्रेरित किया गया।
अंत में आगर मालवा पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि—“सड़क पर लौटना आपकी जिम्मेदारी है। परिवार आपका इंतजार करता है। नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें।” जिला पुलिस ने जनसहयोग से एक सुरक्षित, अनुशासित और दुर्घटनामुक्त यातायात व्यवस्था बनाने का संकल्प दोहराया।





