पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस अधीक्षक का सुसनेर दौरा—स्ट्रांग रूम और बल ठहराव व्यवस्थाओं की समीक्षा
थाना सुसनेर का आकस्मिक निरीक्षण—रिकॉर्ड संधारण और विवेचना कार्यों पर एसपी ने दिए निर्देश
अपराध समीक्षा बैठक में सख्ती—लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
पुलिस अधीक्षक आगर मालवा विनोद कुमार सिंह द्वारा आज सुसनेर क्षेत्र का भ्रमण कर आगामी 29 दिसंबर को होने वाले पंचायत चुनाव के दृष्टिगत सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई। भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सर्वप्रथम आईटीआई कॉलेज, डग रोड सुसनेर में स्थित स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्ट्रांग रूम की भौतिक सुरक्षा, सीसीटीवी कवरेज, सीलिंग व्यवस्था, प्रवेश-निकास नियंत्रण, फायर सेफ्टी, विद्युत बैकअप एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का अवलोकन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि स्ट्रांग रूम की 24×7 निगरानी, नियमित चेकिंग, अभिलेख संधारण एवं किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए, जिससे चुनाव सामग्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, तहसील रोड सुसनेर का निरीक्षण कर पुलिस बल के ठहरने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। मौके पर तत्काल रूप से लगभग 100 पुलिसकर्मियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है, वहीं आवश्यकता पड़ने पर यहां 500 पुलिस बल के ठहराव की व्यवस्था की जा सकती है। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि ठहराव स्थल पर पेयजल, विद्युत, शौचालय, स्वच्छता, भोजन एवं सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना सुसनेर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, हवालात, मालखाना, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, अपराध रजिस्टर, वारंट रजिस्टर, विवेचना संबंधी अभिलेख एवं रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था का गहन अवलोकन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी रजिस्टर अद्यतन रखे जाएं, जप्तशुदा माल का विधिसम्मत संधारण किया जाए तथा चुनाव एवं नववर्ष को दृष्टिगत रखते हुए थाने की सतर्कता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत किया जाए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना सुसनेर में जप्तशुदा वाहनों की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने पाया कि कई वाहन लंबे समय से थाने परिसर में खड़े हैं, जिससे स्थान की कमी एवं अव्यवस्था उत्पन्न होती है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी जप्तशुदा वाहनों की सूची तैयार कर उनका भौतिक सत्यापन किया जाए तथा संबंधित प्रकरणों में माननीय न्यायालय से शीघ्र निस्तारण हेतु आवश्यक अनुमति प्राप्त की जाए।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि वाहनों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रेणीवार रखा जाए, खुले में खड़े वाहनों की उचित सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा जिन वाहनों का निस्तारण संभव हो, उन्हें निलामी अथवा सुपुर्दगी प्रक्रिया के माध्यम से शीघ्र निपटाया जाए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जप्तशुदा वाहनों के रख-रखाव में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और इस कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी।
थाना निरीक्षण के पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना परिसर में समस्त विवेचकों की बैठक लेकर अपराध समीक्षा की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी विवेचकों को निर्देश दिए गए कि विवेचना को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए, न्यायालयीन प्रक्रियाओं का समय पर पालन सुनिश्चित किया जाए तथा गंभीर अपराधों में साक्ष्य संकलन को मजबूत किया जाए। साथ ही चुनाव अवधि को दृष्टिगत रखते हुए कानून-व्यवस्था, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी एवं संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इस भ्रमण एवं समीक्षा बैठक के दौरान अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सुसनेर देवनारायण यादव, थाना प्रभारी सुसनेर केसर सिंह राजपूत सहित समस्त विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुरक्षित रूप से सम्पन्न कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नववर्ष के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष निर्देश दिए गए
🔹 जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में नाइट गश्त एवं पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाया जाए।
🔹 भीड़भाड़ व संवेदनशील स्थानों पर फिक्स पिकेट एवं चेकिंग पॉइंट लगाए जाएँ।
🔹 शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ब्रीथ एनालाइजर का उपयोग अनिवार्य हो।
🔹 होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, पिकनिक स्पॉट, धार्मिक स्थलों एवं बाजारों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था रखी जाए।
🔹 नदी, डैम एवं जलाशयों के पास सुरक्षा उपकरण, गोताखोर एवं सतर्कता सुनिश्चित की जाए।
🔹 हुड़दंग, तेज गति, हथियार लेकर घूमने एवं अवैधानिक गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
🔹 ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
🔹 आमजन से शालीन व्यवहार रखते हुए सुरक्षा एवं सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।





