“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत बड़ी सफलता — ₹10,000 का इनामी एनडीपीएस आरोपी गिरफ्तार
लंबे समय से फरार आरोपी को थाना बड़ौद पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई कर दबोचा
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत जिला पुलिस आगर मालवा द्वारा एक ओर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई भी निरंतर जारी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट के निर्देशन एवं एसडीओपी आगर श्री मोतीलाल कुशवाह के मार्गदर्शन में थाना बड़ौद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में ₹10,000 के इनामी एवं लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
थाना बड़ौद के अपराध क्रमांक 161/2025 में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट एवं विवेचना के दौरान बढ़ाई गई धारा 8/29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत फरार आरोपी धीरपसिंह पिता सुजानसिंह सोधिया, निवासी मदकोटा, थाना बड़ौद गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। थाना प्रभारी बड़ौद निरीक्षक रुपसिंह बैस के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को आरोपी के आगर क्षेत्र में होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने योजनाबद्ध ढंग से घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की तलाश एवं उनसे जुड़े तथ्यों के संबंध में पूछताछ एवं विवेचना की कार्रवाई जारी है। जिला पुलिस आगर मालवा ने स्पष्ट किया है कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के दौरान नशे के विरुद्ध जन जागरूकता के साथ-साथ मादक पदार्थों की अवैध तस्करी एवं इससे जुड़े अपराधियों पर कठोर कार्रवाई भी समान रूप से जारी रहेगी, ताकि समाज में नशामुक्त एवं सुरक्षित वातावरण स्थापित किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
1. धीरपसिंह पिता सुजानसिंह सोधिया, निवासी ग्राम मदकोटा, थाना बड़ौद, जिला आगर मालवा।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रुपसिंह बैस, उप निरीक्षक विजयकुमार शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक रामप्रकाश पुष्पद, प्रधान आरक्षक प्रवीण यादव, प्रधान आरक्षक उपेन्द्रसिंह, प्रधान आरक्षक दिलीप भाटी, प्रधान आरक्षक अर्जुन बागड़ी, प्रधान आरक्षक रामसेवक मीणा, आरक्षक पोपसिंह, आरक्षक श्रीपालसिंह देवड़ा, आरक्षक गोवर्धन दांगी, आरक्षक भीमसिंह, आरक्षक धर्मेन्द्र राजपूत एवं महिला आरक्षक वंदना सेन की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।





