कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने डॉयल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

🔷 त्वरित व संवेदनशील सेवा डॉयल-100, अब बनी डॉयल-112

🔷 एक ही नंबर से पुलिस, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा व अन्य सुविधाओं का लाभ

आज दिनांक 19 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदत्त एवं पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन में जिला आगर मालवा के थाना कोतवाली परिसर से कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह ने सात डॉयल 112 वाहनों को पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर हरी झंडी दिखाकर विभिन्न थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा किट का निरीक्षण भी किया गया और इसे आमजन की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। गौरतलब है कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिनांक 14 अगस्त 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल से डॉयल 112 का शुभारंभ किया गया था। यह सेवा पूर्ववर्ती डॉयल 100 का ही उन्नत रूप है, जो अब और अधिक त्वरित एवं संवेदनशील आपातकालीन सेवा प्रदान करेगी।

कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि “डॉयल 112 का शुभारंभ जिला आगर मालवा सहित पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके माध्यम से पुलिस की कार्यवाही और अधिक त्वरित एवं संवेदनशील होगी। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति—चाहे वह महिला सुरक्षा से जुड़ा मामला हो, सड़क दुर्घटना हो या आपदा प्रबंधन—अब नागरिक एक ही नंबर पर सहायता प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल शासन की आमजन के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही का उत्कृष्ट उदाहरण है।”

पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह ने कहा कि “डॉयल 112 वाहनों में अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं और ये वाहनों के निर्धारित प्वाइंट्स पर लगातार तैनात रहेंगे। सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्यवाही करना इनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। दुर्घटना की स्थिति में घायलों को निकटतम अस्पताल ले जाना, आपात सहायता पहुंचाना और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना इस सेवा की विशेषता है। यह केवल एक आपातकालीन नंबर नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास का नया प्रतीक है।”

🔷 डॉयल 112 : सुविधाएं और तकनीकी विशेषताएं

डॉयल 112 पर अब नागरिकों को पुलिस सहायता, स्वास्थ्य सेवा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, महिला हेल्पलाइन, साइबर क्राइम सहायता, बाल संरक्षण, रेल एवं हाईवे सुरक्षा जैसी सुविधाएं एकीकृत रूप से मिलेंगी।

इस सेवा में उन्नत कॉल सेंटर प्रणाली लागू की गई है जिसके माध्यम से मात्र 16 मिनट में लोकेशन पर सहायता पहुंचेगी। शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनाए रखने हेतु नंबर मास्किंग प्रणाली अपनाई गई है। साथ ही चैटबॉट एवं नॉन-वॉयस माध्यमों से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है एवं उसकी ट्रैकिंग संभव है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल्स (FRVs) में डैशबोर्ड कैमरा और बॉडी वॉर्न कैमरा भी लगाए गए हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रविन्द्र कुमार बोयट, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी आगर श्री मोतीलाल कुशवाहा, उपपुलिस अधीक्षक श्री रघुनाथ खातरकर, रक्षित निरीक्षक सुश्री सपना परमार, थाना प्रभारी कोतवाली सुश्री शशि उपाध्याय, सूबेदार श्री जगदीश यादव सहित अनेक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जन-जन की सुरक्षा… मध्यप्रदेश पुलिस का अटूट संकल्प।
“Dial 112 – एक नंबर, अनगिनत सेवाएं, असीम विश्वास।”

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