एनडीपीएस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
कलेक्टर प्रीति यादव एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह रहे मुख्य अतिथि
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, इंदौर जोनल यूनिट के सहयोग से एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की क्षमता वृद्धि एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु आज दिनांक 16 दिसंबर 2025 को जिला पंचायत भवन, आगर मालवा के मीटिंग हॉल में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 एवं 17 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जा रहा है।
_कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पुलिस विभाग सहित एनसीओआरडी (NCORD) से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारीगण भी सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह द्वारा कलेक्टर प्रीति यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया द्वारा पुलिस अधीक्षक का स्वागत किया गया तथा प्रशिक्षक उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रजापति (Junior Intelligence Officer, NCB Indore) का स्वागत सूबेदार जगदीश यादव द्वारा किया गया।_
प्रारंभिक उद्बोधन में श्री विजय चौरसिया, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला आगर मालवा द्वारा नशे के सामाजिक, पारिवारिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित अधिकारियों से मादक पदार्थों के विरुद्ध समन्वित एवं सतत कार्यवाही का आह्वान किया गया।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एक संगठित और गंभीर अपराध का रूप ले चुकी है, जिसका प्रभाव केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न होकर समाज, युवा पीढ़ी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम एक अत्यंत कठोर एवं तकनीकी अधिनियम है, जिसमें की गई छोटी सी प्रक्रियात्मक त्रुटि भी प्रकरण को कमजोर कर सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि विवेचना के दौरान सैंपलिंग, सीलिंग, दस्तावेजीकरण, जब्ती, डिस्पोजल एवं न्यायालयीन प्रक्रिया का विधिसम्मत पालन अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है, ताकि विवेचक अधिकारी कानून की बारीकियों को सही ढंग से समझ सकें और प्रभावी, टिकाऊ एवं न्यायालय में सिद्ध होने योग्य प्रकरण तैयार कर सकें। उन्होंने सभी विवेचकों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे इस प्रशिक्षण को केवल औपचारिकता न मानकर व्यावहारिक रूप से आत्मसात करें और मादक पदार्थों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस नीति” के तहत सतत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके पश्चात जिला कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा केवल एक अपराध नहीं बल्कि एक सामाजिक अभिशाप है, जो परिवार, समाज और भविष्य की पीढ़ी को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन के लिए पुलिस, प्रशासन, आबकारी, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय विभाग एवं समाज—सभी को मिलकर कार्य करना होगा। कलेक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों की क्षमता वृद्धि होने से न केवल कानून का प्रभावी क्रियान्वयन होगा, बल्कि नशामुक्त समाज के लक्ष्य की ओर भी ठोस कदम बढ़ेंगे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने, जागरूकता कार्यक्रमों को सशक्त करने और पुनर्वास व नशा मुक्ति केंद्रों के साथ समन्वय बढ़ाने पर बल दिया।
इसके पश्चात प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ, जिसमें उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रजापति एवं उपनिरीक्षक हर्षित सोनी (Junior Intelligence Officer, NCB Indore) द्वारा एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं का विस्तारपूर्वक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सैंपलिंग एवं लीगल प्रोविजंस, जब्त मादक पदार्थ एवं वाहनों का निस्तारण, जब्त सामग्री का वर्गीकरण, नमूनों को भेजी जाने वाली प्रयोगशालाएं, त्वरित परीक्षण प्रक्रिया, डुप्लीकेट सैंपल एवं शेष सैंपल, ड्रग डिस्पोजल कमेटी की भूमिका, ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान ड्रग डिटेक्शन किट के उपयोग की जानकारी देते हुए उसका लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे सभी विवेचकों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सहायक उपनिरीक्षक संतोष खजुरिया द्वारा किया गया तथा अंत में निरीक्षक रूप सिंह बेस द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विजय चौरसिया, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला आगर मालवा, जिला आबकारी अधिकारी राजीव द्विवेदी, एसडीओपी आगर मोतीलाल कुशवाहा, ड्रग इंस्पेक्टर रोशनी धुर्वे सामाजिक न्याय विभाग के निलेश झरिया, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक खोजेमा, समस्त थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, विवेचक अधिकारी (ASI एवं उससे वरिष्ठ अधिकारी) सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के लगभग 200 अधिकारी–कर्मचारी उपस्थित रहे।





