🛡️ 05 किलोग्राम गांजा तस्करी प्रकरण में 02 आरोपियों को 05-05 वर्ष का सश्रम कारावास
▶️ विशेष NDPS न्यायालय आगर का फैसला, दोनों आरोपियों पर ₹20,000-₹20,000 का अर्थदंड
▶️ आगर पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन की सतत मॉनिटरिंग से मिली सफलता, एजीपी अशोक गवली ने की पैरवी
आगर-मालवा। पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में गंभीर आपराधिक प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के संकलन एवं अभियोजन की सतत मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप गांजा तस्करी के एक प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा दो आरोपियों को सजा सुनाई गई है।
प्रकरण की सुनवाई माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष NDPS न्यायालय, आगर में की गई। न्यायालय द्वारा दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में आरोपी भगवानसिंह बंजारा एवं राधेश्याम कुमावत को 05-05 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹20,000-₹20,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
क्या था मामला?
दिनांक 12 नवंबर 2018 को थाना बड़ौद में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक कैलाशचंद्र सोनानिया को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि मोटरसाइकिल क्रमांक MP 42 MF 8265 से दो व्यक्ति अवैध गांजा लेकर बिक्री के लिए बड़ौद की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने पिपलोन रोड स्थित सुदवास जोड़ पर घेराबंदी कर मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्तियों को रोका।
विधिसम्मत तलाशी कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से सफेद प्लास्टिक की बोरी में रखा 05 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजा एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा थाना बड़ौद में अपराध क्रमांक 262/2018, धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।
साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी विवेचना से पहुंचा प्रकरण निर्णायक मोड़ पर
प्रकरण की प्रारंभिक कार्रवाई सहायक उपनिरीक्षक कैलाशचंद्र सोनानिया द्वारा की गई, जबकि अग्रिम विवेचना उपनिरीक्षक कमलेश चौहान ने की। विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया, प्रत्यक्षदर्शी पंच साक्षियों एवं पुलिस बल के सदस्यों के कथन दर्ज किए गए तथा जप्त मादक पदार्थ को विधिवत सुरक्षित कर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण की गई।
जप्त गांजे के नमूने को रासायनिक परीक्षण हेतु एफएसएल राऊ, इंदौर भेजा गया। साथ ही NDPS एक्ट की धारा 52A के तहत आवश्यक कार्रवाई भी की गई। विवेचना में संकलित साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र क्रमांक 266/2018 दिनांक 18 दिसंबर 2018 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी एवं सतत मॉनिटरिंग
पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में प्रकरण के अभियोजन के दौरान आवश्यक समन्वय एवं मॉनिटरिंग की गई। न्यायालय में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी (AGP) अशोक गवली द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस एवं अभियोजन के समन्वित प्रयासों से प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत हुआ, जिसके परिणामस्वरूप दोनों आरोपियों को दंडित किया गया।
प्रकरण में प्रारंभिक कार्रवाई करने वाले सहायक उपनिरीक्षक कैलाशचंद्र सोनानिया, विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक कमलेश चौहान, अभियोजन पक्ष से पैरवी करने वाले अशोक गवली, तथा प्रकरण की न्यायालयीन कार्यवाही में सहयोग करने वाले कोर्ट मुंशी प्रधान आरक्षक चुन्नीलाल भिलाला, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक महेश परमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आगर पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्यों के विधिसम्मत संकलन तथा अभियोजन की सतत मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि अपराधियों को न्यायालय से दंडित कराने की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त हों।





