⚖️ कानून की बारीकियों से लेकर डिजिटल साक्ष्य तक—आगर पुलिस के अनुसंधान अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण

▶️ NDPS एक्ट एवं नवीन आपराधिक कानून-2023 पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू

▶️ जिले के थाना-चौकी प्रभारी एवं अनुसंधान अधिकारियों को पूर्व IPS आर.सी. पंवार द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

आगर-मालवा। पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में दिनांक 07 अक्टूबर 2026 से जिला पंचायत कार्यालय आगर के मीटिंग हॉल में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में NDPS एक्ट एवं नवीन आपराधिक कानून-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन एवं न्यायालयीन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट एवं एसडीओपी आगर नीलम बघेल उपस्थित रहे। जिले के समस्त थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी तथा विभिन्न प्रकरणों में अनुसंधान करने वाले अधिकारी-कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल हुए।

सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी द्वारा विशेष अतिथि एवं प्रशिक्षक पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री आर.सी. पंवार का स्वागत किया गया।

प्रशिक्षण की समस्त व्यवस्थाएं रक्षित निरीक्षक सपना परमार द्वारा सुनिश्चित की गईं।

विशेष प्रशिक्षक श्री आर.सी. पंवार, भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2003 बैच के अधिकारी रहे हैं तथा अगस्त 2015 में पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए। उन्हें वर्ष 2014 में राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए वरिष्ठ अधिकारियों एवं मध्यप्रदेश शासन से पारितोषिक प्राप्त किए।

श्री पंवार बी.एससी. (बायोलॉजी) एवं एम.ए. (समाजशास्त्र) की शैक्षणिक पृष्ठभूमि रखते हैं और पुलिस सेवा के साथ सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में नशा विरोधी अभियान के माध्यम से महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया तथा परिवार परामर्श केंद्रों के माध्यम से अनेक परिवारों को टूटने से बचाने में योगदान दिया। वर्तमान में वे विभिन्न शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में मोटिवेशनल कार्यक्रमों से भी जुड़े हैं।

त्रुटिरहित अनुसंधान और बेहतर सजा दर पर रहेगा फोकस

प्रशिक्षण के दौरान “अपराध अनुसंधान कैसे करें” की अवधारणा के तहत अनुसंधान को त्रुटिरहित, निष्पक्ष, सटीक एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल तकनीक का उपयोग, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन, केस डायरी एवं दस्तावेजी कार्यवाही, साक्ष्यों की वैधानिकता तथा समयबद्ध अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। विशेष रूप से NDPS एक्ट के प्रकरणों में जब्ती की प्रक्रिया, साक्ष्य का संरक्षण, नमूना प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण, विवेचना की महत्वपूर्ण कानूनी बारीकियां एवं न्यायालयीन परीक्षण के दौरान आवश्यक सावधानियों पर प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं अनुसंधान अधिकारियों की कानूनी एवं अनुसंधान क्षमता को और अधिक मजबूत करना, प्रकरणों में त्रुटियों की संभावना को कम करना तथा न्यायालयों में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से सजायाबी की दर में वृद्धि करना है।

पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में आयोजित यह प्रशिक्षण पुलिस अनुसंधान को आधुनिक तकनीक एवं नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप और अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी एवं न्यायोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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