सायबर अपराध नियंत्रण की दिशा में आगर मालवा पुलिस हुई और सशक्त

💻 विशेषज्ञों ने सिखाई डिजिटल जांच की आधुनिक तकनीकें

👮‍♂️ आमजन को सायबर ठगी से बचाने के लिए पुलिस को मिला विशेष प्रशिक्षण

सायबर अपराधों की रोकथाम एवं उनकी प्रभावी जांच के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह के निर्देशन में दिनांक 14 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में “सायबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक द्वारा मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सायबर विशेषज्ञ गौरव रावल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राखी गुर्जर द्वारा उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि वर्तमान समय में सायबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तकनीकी ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में पूर्ण रुचि लेकर सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सायबर अपराधों की प्रभावी जांच करने के साथ-साथ आमजन को भी जागरूक कर सकते हैं, जिससे लोगों को सायबर ठगी से बचाया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय सायबर विशेषज्ञ गौरव रावल द्वारा सायबर अपराधों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने सायबर फ्रॉड से संबंधित नवीन SOP के अनुसार शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्यवाही, पीड़ित की राशि रिफंड की प्रक्रिया, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, निवेश से संबंधित ऑनलाइन ठगी तथा क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों की जांच के तरीकों के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि समय पर तकनीकी साक्ष्यों का संकलन एवं समन्वय स्थापित कर कई मामलों में शीघ्र परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

इसके पश्चात प्रधान आरक्षक वीरेंद्र सिंह द्वारा प्रतिभागियों को NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) एवं समन्वय पोर्टल के उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के पंजीयन, संबंधित बैंकों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करने तथा सोशल मीडिया प्रोफार्मा के माध्यम से जानकारी संकलित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

वहीं उपनिरीक्षक राखी गुर्जर एवं प्रधान आरक्षक सुब्रतो द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को CDR (Call Detail Record), IPDR एवं टॉवर डम्प डाटा के विश्लेषण के संबंध में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि इन तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर अपराधियों की लोकेशन, संपर्क श्रृंखला एवं गतिविधियों का विश्लेषण कर जांच को प्रभावी बनाया जा सकता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के साथ इंटरएक्टिव सेशन एवं प्रश्नोत्तर भी आयोजित किया गया, जिसमें सायबर जांच से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा अधिकारियों-कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राखी गुर्जर द्वारा किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में थाना प्रभारी कोतवाली शशि उपाध्याय, थाना प्रभारी कानड़ राजकुमार दांगी, थाना प्रभारी बड़ौद रूपसिंह बैस, प्रभारी रक्षित निरीक्षक जगदीश यादव, सूबेदार जितेंद्र शुक्ला सहित जिले के 100 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सायबर अपराधों की जांच से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

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