मानवीय पहल का उदाहरण—आरक्षक ने सीपीआर देकर बचाई व्यक्ति की जान
तत्परता, प्रशिक्षण और संवेदनशीलता से बची एक जिंदगी
जिला आगर मालवा में पुलिस द्वारा आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आज बड़ौद चौराहा, आगर पर एक सराहनीय घटना सामने आई, जहां ड्यूटी पर तैनात आरक्षक द्वारा तत्परता एवं सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बचाई गई।
आज सुबह बड़ौद चौराहे पर सफाईकर्मी महिला द्वारा ड्यूटी पर तैनात आरक्षक योगेंद्र को एक व्यक्ति के बेसुध अवस्था में बैठे होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही आरक्षक योगेंद्र तत्काल मौके पर पहुंचे और व्यक्ति को संभालने का प्रयास किया, किंतु वह अचानक गिर पड़ा एवं अचेत अवस्था में चला गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरक्षक योगेंद्र द्वारा बिना समय गंवाए सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) देना प्रारंभ किया गया। साथ ही उन्होंने परिजनों को सूचना दी एवं लगातार सीपीआर देते हुए व्यक्ति को होश में लाने का प्रयास किया गया।
तत्पश्चात व्यक्ति को उपचार हेतु तत्काल अस्पताल भिजवाया गया। उक्त व्यक्ति की पहचान नरेंद्र सिंह राजपूत, उम्र 55 वर्ष, निवासी मास्टर कॉलोनी, आगर के रूप में हुई है, जिनकी समय रहते सहायता मिलने से जान बचाई जा सकी।
प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक आगर मालवा द्वारा जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार (First Aid) का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस बल को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया हेतु सक्षम बनाया गया है
आरक्षक योगेंद्र द्वारा बताया गया कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर की विधि को गंभीरता से सीखा था, जिसका उपयोग आज आपात स्थिति में करते हुए एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकी।
यह घटना दर्शाती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जीवन रक्षा जैसे मानवीय कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। आगर मालवा पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जनहितकारी प्रयास जारी रखे जाएंगे।





