नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0″ अभियान का गरिमामय समापन — 16 दिनों तक चला जनजागरूकता अभियान बना जनआंदोलन, हजारों नागरिकों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प
▶️ कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल, उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों – कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों का किया सम्मान।
▶️ विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक इकाइयों, अस्पतालों एवं सार्वजनिक स्थानों तक पहुँचा नशामुक्ति का संदेश — जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत।
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” जनजागरूकता अभियान का गरिमामय समापन आज सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आगर मालवा में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने की। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकार बंधुओं एवं नागरिकों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह अभियान केवल पुलिस विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज निर्माण का एक जनआंदोलन बन चुका है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी मोतीलाल कुशवाह (आगर), अनुविभागीय पुलिस अधिकारी देवनारायण यादव (सुसनेर), जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी नागरिकों ने नशामुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प लेते हुए स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को जागरूक करने की शपथ ली।
मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की खुशियों को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, संस्कार और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक नागरिक ही नशामुक्त समाज की मजबूत नींव रख सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने कहा कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से 30 जुलाई तक जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक इकाइयों, अस्पतालों, बस स्टैंड, हाट-बाज़ारों, ग्राम चौपालों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगातार जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से हजारों नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाया गया।
कार्यक्रम में श्री संस्कार एकेडमी के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। वहीं जिला पुलिस आगर मालवा के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा तैयार की गई नशामुक्ति विषयक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें यह प्रभावी संदेश दिया गया कि नशे की शुरुआत भले ही छोटी लगती हो, लेकिन उसका अंत व्यक्ति, परिवार और समाज के विनाश के रूप में सामने आता है। दोनों प्रस्तुतियों को उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों ने खूब सराहा।
अभियान के दौरान चित्रकला, निबंध, भाषण, रंगोली एवं खेल प्रतियोगिताएँ, हस्ताक्षर अभियान, मानव श्रृंखला, नुक्कड़ नाटक, शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन, जनसंवाद, पौधारोपण एवं सामूहिक शपथ जैसे अनेक नवाचारों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों तथा आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। धार्मिक स्थलों, जिला अस्पताल, जिला जेल एवं औद्योगिक इकाइयों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों को समाज के प्रत्येक वर्ग का व्यापक सहयोग एवं समर्थन प्राप्त हुआ।
समारोह के दौरान अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अभियान की सफलता में पुलिस टीम की रही उल्लेखनीय भूमिका
जिलेभर में अभियान को प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित स्वरूप प्रदान करने में शशि उपाध्याय (कोतवाली आगर), नागेश यादव (नलखेड़ा), राजकुमार दांगी (कानड़) सहित रूप सिंह बेस थाना बड़ौद, राम गोपाल वर्मा थाना सोयत कला, अक्षय सिंह बेस थाना सुसनेर, पुलिस सहायता केंद्र तनोडिया, चौकी बड़ागांव, चौकी पिपलोन तथा जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
इसी प्रकार उप निरीक्षक आलोक पारेटीया, उप निरीक्षक सुनीता परिहार, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, सहित अभियान से जुड़े सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नवाचारपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (आगर) मोतीलाल कुशवाह ने आभार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, समस्त अतिथियों, शिक्षा विभाग, विद्यालय परिवार, पत्रकार बंधुओं, सामाजिक संगठनों तथा अभियान में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान से प्रारंभ हुई जनजागरूकता भविष्य में भी समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।
🚭 “ज़िंदगी को हाँ… नशे को ना।”
“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” — जनसहभागिता से नशामुक्त मध्यप्रदेश की ओर एक सशक्त कदम।





